दोस्त

दोस्त,
एक ऐसा लफ्ज है।
जिसे शायद सभी,
पसंद करते होंगे।।

वैसे रिश्ते तो कई है,
एक इन्सा के लिए।
लेकिन दोस्ती तो,
सब रिश्तों मे महान होगी।।

जब साथ-साथ पैदल,
नंगे पैर स्कूल जाते थे।
खुद की चप्पल भी,
हमको पहना जाते होंगे।।

टिफिन भुल जाने पर,
खुद के डिब्बे से।
रोटी निकालकर,
खिला जाते होंगे।।

कभी होमवर्क ना करने पर,
अपनी बुक दे।
खुद अध्यापक से,
डाँट खा जाते होंगे।।

कभी बगीचे से,
आम चुराते पकड़े जाने पर।
आपकी गलतियों को,
घर पर छुपा जाते होंगे।।

कभी मुश्किल के समय,
घर वालों से भी पहले।
आपके पुराने दोस्त ही,
काम आते होंगे।।

मुझे तो अब तक,
अपनी यारी याद है।
आपको भी तो,
आपके पुराने दोस्त याद आते होंगे।।
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