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Vibhishana / विभीषण |
Vibhishana / विभीषण
अब बड़ी मुश्किल है लड़ाई,
हर घर मे विभीषण बैठा है|
मुश्किल है अब चढ़ाई,
हर घर मे विभीषण बैठा है||
तुम सेंध लगाए बैठे थे,
किसी दूसरे के घर पर,
कोई तुम्हारा घर ही लूट गया,
हर घर में विभीषण बैठा है||
तुम हो वीर, शक्तिशाली,
रण तुमसे घबराता है|
फिर भी तुम ना जीते,
हर घर में विभीषण बैठा है||
तुम हो शस्त्र, शास्त्र, ज्ञानी,
सब तुम्हारी जय जयकार करें|
फिर भी तुम ठहर ना पाए,
हर घर में विभीषण बैठा है||
हर घर में विभीषण बैठा है....
ऋषभ शुक्ला
Hindi Kavita Manch / हिंदी कविता मंच
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