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Showing posts from March 15, 2015

हम हैं साथ-साथ

दुःख हो या सुख, हम होंगे साथ-साथ ।  धुप हो या छाँव, देंगे एक दूसरे का साथ ॥ 
कभी रार और तकरार, रूठना, मनाना ।  मुश्किल भरी राहो में, चलेंगे पकड़कर एक दूसरे का हाथ ॥ 
कभी हो कोई परेशानी, तो बैठकर एक दूसरे के साथ ।  दिन-रात जागकर, सुलझा लेते थे समस्या करके बात ॥ 
परिस्थितियां कैसी भी हो, हमेशा बनी रही मेरे साथ ।  जिएंगे सातो जनम एक साथ, ऐसा मन में है विश्वास ॥ 
जीवनसंगिनी, अर्धांगिनी, और न जाने है कितने नाम ।  बिना पत्नी के यह जीवन, होता अपूर्ण, अभिशाप ॥