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Saturday, January 17, 2015

आज का मिडिया

मैंने अभी तक जो सुना  था, 
की अंडरवर्ड से सब डरते है । 
लेकिन फिर पता चला की, 
नेताओ से तो अंडरवर्ड भी,
डरता है ॥ 

एक दिन मैंने देखा, 
की एक व्यक्ति टोल देने के बजाय,
अपना एक कार्ड,
प्रदर्शित करता है ॥ 

दूसरे ही दिन मै उसी व्यक्ति के साथ,
दुर्घटना का शिकार हो गया ।
तो पुलिसवाला उसे छोड़,
मुझसे ज्यादती करता है ॥ 

मैंने इसका कारन जानना चाहा,
झिड़कते हुए कहता है। 
मै तो तुम्हे अंदर कर देता,
लेकिन सर के कहने पर,
तुम्हे छोड़कर फाइल बंद करता हूँ ॥

फिर मैंने अपने पहचान के,
एक सफ़ेदपोश नेता से मिला । 
उन्होंने कहा,
मै तुरंत थाने से पता करता हूँ ॥ 

फिर उन्होंने फोन किया, 
और फोन सुनते ही गंभीर हो गए । 
फिर मुझसे धीरे से बोले,
मै इस सन्दर्भ में कुछ नहीं कर सकता हूँ ॥ 

फिर मेरे समझने के लिए,
यह काफी था । 
की एक मिडिया ही है,
जिससे खद्दरधारी नेता भी डरता है ॥ 

कहते है की स्वत्रंत,
कलम में एक अलग धार होती है । 
बिकी हुयी कलम तो,
निराधार  होती है ॥ 

शुक्र है की मेरी कलम,
अब तक मेरी इशारो पर ही नाचती है । 
और मेरा मन किसी,
कलम के खरीददार का तलाश करता है ॥ 

मै यहां विज्ञापन दे रहा हूँ,

की अगर आपको किसी बिकाऊ कलम की तलाश है ।
तो मुझसे अच्छा कोई विकल्प,
हो ही नहीं सकता है ॥ 


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