हम हैं साथ-साथ

दुःख हो या सुख,
हम होंगे साथ-साथ । 
धुप हो या छाँव,
देंगे एक दूसरे का साथ ॥ 

कभी रार और तकरार,
रूठना, मनाना । 
मुश्किल भरी राहो में,
चलेंगे पकड़कर एक दूसरे का हाथ ॥ 

कभी हो कोई परेशानी,
तो बैठकर एक दूसरे के साथ । 
दिन-रात जागकर,
सुलझा लेते थे समस्या करके बात ॥ 

परिस्थितियां कैसी भी हो,
हमेशा बनी रही मेरे साथ । 
जिएंगे सातो जनम एक साथ,
ऐसा मन में है विश्वास ॥ 

जीवनसंगिनी, अर्धांगिनी,
और न जाने है कितने नाम । 
बिना पत्नी के यह जीवन,
होता अपूर्ण, अभिशाप ॥
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