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Friday, November 6, 2015

सपनो का घर

मेरे सपनो का घर,
सुन्दर तो नही लेकीन,
मेरे सपनो कि एक उम्मीद है !

चन्द ईटो से बना,
ये आशियाना
यह मेरे सपनो कि मजबूत नीव है !!

चन्द तस्वीर थे सालों पुराने
जिसपे चढी थी धुल कि परत !
एक छोटी चारपायी,
जिस पर कटती थी सर्द !!

एक छोटा सा,
टुटा हुआ पन्खा
जो है वर्षो पुराना !
जो कभी भी ना चला,
हवा जिसने कभी किया ना !!

दरवाजे के नाम पर,
पुरानी सङी हुयी दरी !
जो छोटे-छोटे टुकड़ो मे,
टुटती रही !!
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